| |||
|
|
|||
| शिकायत | सेवा शुल्क | नागरिक शासनपत्र | |||
|
|
|||
सचेत कड़ियाँ
|
|
बायें से : बन्डोपंत बी. सुलताने, श्रीपाल टी. वणकुद्रे , बब्गोंदा बी. पाटिल, महादेव बी. चौगुले, शंताप्पा डी. हेरवाडे , दुर्योधन बी. अरवाडे बायें से खड़े हुए : निलकंठ स. घेवारे, बाबूराव डी. गर्गटे, गंगाराम स. चौगुले, अन्नासो बी. लडगे, चोगालाल जे. लड्डा स्वतंत्रता पूर्व क्षेत्रों के राष्ट्रनेताओं को दिए बचन से प्रेरित, देशभक्तों का समुह प्रतिष्टित व्यक्तियॉं अपने वित्तीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए हुए। इसके बाद सहकारी संस्थाओं और सहकारी बैंको की जरुरतो को पहचानना या समझना उद्योगपतियों की निजी बैंको की जिम्मेदारी है । इसी उद्देश्य से निम्न ति मध्यमत आर्थिक स्थिति होनेवाले लोगों की जरुरतो को पुरा करने के लिए श्री. बाबगोंडा बुजगोंड पाटील, सांगली के प्रसिध्द सलाहकार और गंगाराम सिदगोंडा चौगुले कोल्हापूर के प्रसिध्द व्यापारी इनके अथक प्रयत्नों से वाणिज्य बैंक के स्थापना की कल्पना साकार हुई । |