| अ.नं. |
योजना का नाम |
"रत्न व्यापार" |
| 01. |
लक्ष्य समुह |
व्यक्गित स्वामित्व / साझेदारी / कंपनीक्षारा निर्धारित थोक व्यापारी / फुटकारी व्यापारी / वितरक / कमिशन एजंठ/ व्यावसायिक / लघु उद्योग / "शासनिक / शासकीय ठेकेदार आदि । |
| 02 |
सुविधा |
आश्वस्त नकद उधार |
| 03 |
उद्देश्य |
सक्रिय पूंजी को पुरा करने के लिए |
| 04 |
ऋण की मात्रा |
अधिकतम 10 लाख रुपए अथवा गिरवी रखी संपतिमूल्य के 50% (जो कम हो) |
| 05 |
परिसंपत्ति ऋण |
उत्पन्न के आधारपर अधिकतम उत्पन्नके 20%
अ) वर्तमान व्यवसाय / व्यापार पीछाले कुछ वर्षो से अधिक विकसित होना चाहिए । परियोजना उचित होनी चाहिए ।
आ) चर्तमसप / नई परियोजनाऍ प्रचलित कार्य की तुलना में अधिक सफल होनी चाहिए । असामान्य रियोजनाएँ स्वीकृति नहीं की जाएगी । 15% से 20% व्यवसाय बढोत्तरी या उन्नति का विचार किया जाएगा
इ) व्यक्तिगत योगदान आवेदन में कार्यपूंजी उत्पन्न के 4% या अधिक होनी चाहिए । |
| 06 |
ऋण अवधि |
1 वर्ष (कार्य के संतोषजनक नवीकरन के वार्षिक आधारपर) |
| 07 |
प्रतिभूति |
ऋणी के नाम और अधिकृत गिरवी / पंजीकृत गिरवी संपत्ती के समतुल्य । संपत्ती पत्नी के नाम होनेपर भी वह प्रतिभूति के रुप में स्वीकृत है । (कृषि भूमि अस्वीकृत है।) |
| 08 |
सीमा राशी |
संपत्ती मूल्य के कम-से-कम 50% |
| 09 |
ज़मानती |
एक ग्राहृ ज़मानती (सहऋण के आलावा) |
| 10 |
व्याज दर |
AT PLR |
| 11 |
कार्यान्वियन शुल्क |
150/- रु. प्रतिलाख या उस हिस्से के नुसार । |
| 12 |
आंकलन के आवश्यक दस्तावेज |
1. आवेदन पत्र ।
2. बैंक के संचालक / कार्यकारिणी से आपके व्यवहार का विवरन / स्पष्टीकरण ।
3. पीछले दो साल का वित्त विवरण तथा चालु / अगले वर्ष की परियोजना / विवरण ।
4. प्रतिभूति संपत्ति के मूल्यांकन का विवरण और अनुमोदित मुल्यकर्ता / सलाहकार का प्रतिवेदन
5. बिक्री कर पंजीकरण की प्रतिलिपि (यदि उपलब्ध हो) और बिक्री कर वापसी की प्रतिलिपियॉं।
6. अंतिम आयकर परिसंपात्ति आदेश / वापसी की प्रतिलिपि (ऋणी / सहऋणी / प्रतिभूति की) ।
7. ऋणी, सहऋणी प्रतिभू का साथ निवेदन
8. बैंक का गोपणीय निवेदन |
| 13 |
प्राप्त दस्तावेज |
1. आवेदन पत्र क्र 51-अ - त्याग पत्र
2. आवेदन पत्र क्र 51 - अभियाचना वचन-पत्र
3. आवेदन पत्र क्र 55 - नकद उधार / अचल परिसंपत्ति का अंधिविकर्ष समझौता पत्र
4. निंरंतर प्रतिभूति पत्र
5. ऋण अभिस्वीकृति आवेदन
6. जमाराशि का अधिकारपत्र / पंजीकृत बंधकपत्र का ज्ञापन
7. साम्पिक बंधक की मूल प्रति
8. न्यायिक मत
9. मुल्यांकन प्रतिवेदन
10. अनावरोध प्रमाणत्र
11. नविनतम परिसंपत्ति तथा महानगरालिका कर भूगतान रसीद
12. बैंक शुल्क सहित संपत्ति का कार्ड का सार (आदायगी के एक महिने से पहले)
13. अग्नि, दंगा-फसाद, नागरी हिंसा और भूकंप बीमा सुरक्षा ली गई हो। |
| 14 |
आग्रिम
वर्गीकरण |
कार्य/गतिविधि के अनुसार। |
| 15 |
मंजुरी अधिकार |
प्रतिनिधि अधिकार के नुसार |
| 16. |
जांच / सावधानियाँ |
a. हमारी बैंक के साथ व्यवहार + करने वाले उसके कार्य / संचालन तथा भविष्य में अच्छे कार्यके प्रति आश्वस्त रहे ।
b. अन्य दूसरे बैंक से प्रस्ताव लेते समय उस ईकाई का खाता विवरण संतोषजनक होना चाहिए । अदायगी से पहले गोपनीय प्रतिवेदन प्राप्त किया जाएगा
c. नई इकाईयों की परियोनजाओं की वह प्राप्तव्य / उपयुक्त है या नही इसकी पॉंच की जाएगी।
d. मंजुरी से पूर्व भेंट / निरीक्षण जरुरी है । इसकी रिपोर्ट आवेदन के साथ सलग्न होगी ।
e. मंजुरी से पूर्व भेंट / निरीक्षण जरुरी है । इसकी रिपोर्ट आवेदन के साथ सलग्न होगी ।
f. अदायगी प्रमाणत्र अदायगी के बाद 15 दिन में प्रस्तु किया जाएगा।
g. इकाई तीन महिने में एक बार भेंट । निरीक्षण करेगी और उसकी रिपोर्ट का सत्यापन लेखा परीक्षक या निरीक्षण अधिकारी से किया जाएगा। यदि संबंधित खाते का संचालन सुचारु या संतोषजनक प्राप्त नहीं होता तो आगे की कार्यवाई तुरंत की जाएगी ।
i. कार्य पूँजी का कहीं और इस्तेमाल नहीं करना / होना चाहिए।
j. मंजुरी प्राधिकृती से मंजुरी मिलते ही उच्च प्राधिकृती की तरफ प्रस्ताव भेजा जाएगा। |